Sunday, November 19, 2017

Reject होने से लगता है डर !

reject in career


हर किसी के career में ऐसे कई मौके आते है, जब उन्हें लगने लगता है कि वे किसी काम के हैं ही नही। कितनी भी मेहनत कर ले, तरक्की के दरवाजे उनके लिए हमेशा बंद रहेगे। कभी भी उनके काम को पहचान नही मिलती। बार-बार अस्वीकार होने के यही लक्षण हैं।

office में कार्य करते हुए ऐसे कई मौके आते है, जब आप जी-तोड़ मेहनत के बावजूद मनचाही success पाने में नाकाम रहते है। बार-बार unsuccess होने की चिंता में डूबने लगते है। career निर्माण, jobs या सम्बंधित कार्य-कलापों में ऐसी चुनौतियों से भागने के भयंकर दुष्परिणाम जीवन भर भुगतने पड़ते है। अगर आप गौर करेगे तो देखेगे कि आपकी पिछली हर unsuccess ने आपको कुछ न कुछ सिखाया ही है। अगर उन कमियों को ध्यान में रखते हुए आप आगे बढ़ेगे तो निश्चित ही आपके काम की न सिर्फ सराहना होगी, बल्कि आप खुद को भी एक पायदान उपर पायेंगे। आइये जानते है कि ऐसे वे कौन से मौके होते है, जब आप अस्वीकार होने के डर के ओत-प्रोत खुद को पाते है। साथ ही जानते है कि कैसे इस कैद से आप आजादी पा सकते है।

Interview

interview देने की प्रकिया में अगर आपका सामना बार-बार unsuccess से होता है तो एक दौर ऐसा भी आता है, जब आप किसी अच्छे अवसर के लिए खुद को तैयार नही कर पाते। आप पहले ही मान कर चलते है कि आप यहा भी अस्वीकार किये जायेगे। इससे आप वास्तविकता से दूर होते चले जायेंगे। अगर आप बार-बार interview में अस्वीकार किये जा रहे है तो उन कारणों को पहचानें। कही ऐसा तो नही है कि जिन जरूरी skills की नियोक्ता को जरूरत है, आप उन्हें सीखने का प्रयास ही नही कर रहे। यह भी हो सकता है कि आप अपनी जानकारी skills को सही ढंग से सामने रख ही नही पाते। हर interview को एक चुनौती की तरह लें और उन कारणों की एक सूची बनाएं और धीरे-धीरे खुद में जरूरी बदलाव करना शुरू करें।

Office से निकाले जाने पर

किसी भी employee के लिए office से निकाला जाना किसी बड़े धक्के से कम नही। उस समय उसके आत्मविश्वास में भी कमी आना लाजमी है। यहाँ बहुत से लोग इस बात को सोच-सोच कर समय व्यर्थ कर देते है कि उन्हें निकाल दिया गया है। उनका manager बुरा था, उसके साथियों में कमी थी। कोई उनकी कार्यशैली को नही समझता आदि। निस्संदेह ऐसी स्थिति किसी के लिए कष्टदायी होगी, मगर अब इन्ही बातों को पकड़ के रहना, आगे के सफर के बारे में न सिर्फ धीमा कर देगा, बल्कि आपके आगे बढने के रास्तो को भी धीरे-धीरे बंद करता चला जायेगा। कारण कुछ भी रहें हो, आपको अपने  भीतर negativity को खत्म कर positivity होना होगा और आगे के लिए road map तैयार कर उसमें बढना होगा।

Promotion न मिलने पर

आप पिछले 3-4 वर्षो से लगातार किसी company में मेहनत से कार्य कर रहे है। boss आपकी तारीफ भी करते रहे है। आपको इस बार पूरी उम्मीद थी कि आपको ही तरक्की मिलेगी। ऐसे में अगर स्थितियां उलट होती है और आपकी जगह किसी दुसरे को तरक्की का तोहफा मिलता है तो इसका अर्थ यह बिलकुल नही कि आप काबिल नही है। अगर तटस्थ होकर एक बार तरक्की पाने वाले साथी की तरफ नजर दौड़ाएगें तो देखेगे की वाकई वह आपसे आगे था। आपको अस्वीकार होकर निराशा में नही डूब जाना है, बल्कि अपनी उन खूबियों को पहचानना है, जिसके बूते आप दूसरो से आगे निकल सकते है। जिस तरह आपके कुछ purpose होते है। ठीक वैसे ही आपके boss के भी purpose होते है। अगर आप एक team की तरह boss के साथ कदम से कदम मिला आगे बढ़ रहे है तो यकीकन आप भी तरक्की के पायदान पर आज नही तो कल आगे बढ़ेगे ही।

Target पूरे न होने पर

अगर आपकी job में तिमाही,छमाही या वार्षिक target प्राप्त करने होते है तो उसके लिए आपको बेहतर योजना की जरूरत होती है। ठीक उसी तरह जिस तरह एक धावक टैक पर अपने तीन लैप में हर लैप के लिए गति व् समय के लिए तालमेल बिठाता है। आपको अपने purpose को बाँट-बाँट कर देखना चाहिए और उसी योजना बनानी चाहिए। कई बार जी तोड़ मेहनत के बावजूद कोई और बाज़ी मार लेता है। यहा अन्य बातों पर उलझने की बजाय अपने साथी की मेहनत की सराहना करना भी सीखे और उसके positivity रवैया की कद्र करते हुए खुद में जरूरी बदलाव के लिए तैयार रहे।

Feedback पर

आपके boss से लगातार आपकी बात होती होगी। कई बार आपको अच्छे feedback मिलते होगे, तो कई दफा कुछ negative comment. ऐसी छोटी-छोटी बातों से घबराये नही और हिम्मत से काम लें। इसके अलावा कामकाजी असफल होने पर लोग क्या कहेंगे जैसे जुमलो से काफी परेशान होते देखे गये है। सबसे पहले तो यह समझ लेना जरूरी है कि world में शायद ही कोई ऐसा person हों, जिसे कभी न कभी reject नही किया गया हों। असल problem ऐसी कुंठित और depression से भरी सोच के कारण होती है। senior के feedback को positivity रूप से लें। आजकल की गलाकाट competition के दौर में मौके गंवाने नही, बल्कि दूसरो से छीनना ही success का पर्याय बन गया है। इसलिए हाथ आये मौके को इस सोच के कारण कतई व्यर्थ न होने दें।

यह भी न भूलें

नकारे जाने का खौफ अक्सर हतोत्साहित करता है, मगर आप अपने positivity दृष्टिकोण से हर बाज़ी जीत सकते है। एक आसान से example से इस बात को समझें। अगर आप स्वयं पहल करते हुए office में boss से चुनौतियाँ भरा कोई project लेते है और उसमे सफल होते है तो जरा सोचिये boss के सामने आपकी छवि का graph कितना उपर उठ सकता है। इस वास्विकता को भी हमें नही भुलाना चाहिए कि सबको असफलता ही हाथ नही लगती है, success होने वालो की संख्या भी आखिर कम नही है। समझने की बात है कि जो लोग नकारे जाने से घबराकर भाग खड़े होते है, उनके लिए तो शत प्रतिशत असफलता की गुंजाइश ही शेष बचती है।







Saturday, November 18, 2017

तीन Tests(कसौटियाँ) हमारे Life की



प्राचीन यूनान में सुकरात अपने ज्ञान और विद्द्ता के लिए बहुत famous थे। सुकरात के पास एक दिन उसका एक परिचित व्यक्ति आया और बोला,”मैंने आपके एक मित्र के बारे में कुछ सुना है।“
ये सुनते ही सुकरात ने कहा,”दो पल रुके”, “मुझे कुछ बताने से पहले मैं चाहता हूँ कि हम एक छोटा सा परीक्षण कर ले जिसे मैं ‘तीन कसौटियों का परीक्षण कहता हूँ।“

“तीन कसौटियाँ? कैसी कसौटियाँ?”, परिचित ने पूछा।

“हाँ, सुकरात ने कहा, ”मुझे मेरे मित्र के बारे में कुछ बताने से पहले हमें यह तय कर लेना चाहिए कि आप कैसी बात कहने जा रहे है, इसलिए किसी भी बात को जानने से पहले मैं इन कसौटियों से परीक्षण करता हूँ।

इसमे पहले कसौटी सत्य की कसौटी है। क्या आप सौ फीसदी दावे से यह कह सकते हो कि जो बात आप मुझे बताने जा रहे हो वह पूर्णत: सत्य है?

“नही”, परिचित ने कहा,” दरअसल मैंने सुना है कि...”

चलिए , अब दूसरी कसौटी का प्रयोग करते है जिसे मैं अच्छाई की कसौटी कहता हूँ। मेरे मित्र के बारे में जो भी बताने जा रहे हो क्या उसमे कोई अच्छी बात है?

“नही, बल्कि वह तो...”, परिचित ने कहा.

“अच्छा”, सुकरात ने कहा, “इसका मतलब यह है कि आप मुझे जो कुछ सुनाने वाले थे उसमे कोई भलाई की बात नही नही है और आप यह भी नही जानते कि वह सच है या झूठ। लेकिन हमें अभी आस नही खोनी चाहिए क्योंकि आखिरी यानि तीसरी कसौटी का एक परीक्षण अभी बचा हुआ है; और वह है उपयोगिता की कसौटी।

 जो बात आप मुझे बताने वाले थे, क्या वह मेरे किसी काम की है?”

“ नही, ऐसा तो नही है”, परिचित ने असहज होते हुए कहा।

“बस हो गया”, सुकरात ने कहा,” जो बात आप मुझे बतानेवाले थे  वह न तो सत्य है, न ही भली है, और न ही मेरे काम की है, तो मैं उसे जानने में अपना कीमती समय क्यों नष्ट करूं”

दोस्तों आज के negative परिवेश में हमें अक्सर ऐसे लोगो से पाला पड़ता है जो हमेशा किसी न किसी की बुराईयाँ का ग्रन्थ लेकर घूमते रहते है और हमारे बीच मतभेद पैदा करने को कोशिश करते रहते है, इनसे निबटने के लिए सुकरात द्वारा बताई गयी इन तीन कसौटियों, सत्य की कसौटी, अच्छाई की कसौटी और उपयोगिता की कसौटी को आप भी अपने जीवन में अपनाकर अपना जीवन सरल और खुशहाल बना सकते है।







Friday, November 17, 2017

Life में Debates(बहस) का असर



खुद को उलझाए रखने के लिए हजारो बहाने हो सकते है कारण, कोई न कोई कुछ न कुछ ऐसा कर ही देगा जो हमें पसंद नही आएगा। पर बात-बात में बहस करके भी सही समाधान हो जाए, क्या इस बात की guarantee है? specialist के अनुसार हमारी 99% बहस न सिर्फ व्यर्थ होती है, उनका कोई नतीजा भी नही निकलता। ऐसे में छोटी-छोटी बातों पर रिश्ते और मन की शांति को भंग करना कितना सही है।

कहावत है कि मुर्ख से बहस करना यही साबित करता है कि मुर्ख एक नही दो है। घर हो या बाहर, बहस शुरू होने के कई कारण हो सकते है। आमतौर पर ऐसा तब होता है, जब दोनों ही पक्ष खुद को पीड़ित और सही मान रहे होते है। बहस करना एक negative भाव है। ऐसे में उसी negativity में डूबे रहना, मन को अशांत करता है, काम में देरी होती है और रिश्तों में दूरी बढ़ने लगती है।

प्रभावी बातचीत के क्षेत्र में 25 वर्षो से अधिक का experience रखने वाले रॉब कैंडल कहते है, ’छोटी-छोटी बातों पर बहस करने लगना समझदारी की कमी है। उनकी book ‘ब्लेमस्टामिंग: why conversation go wrong and how too fix them?’ इसी मसले पर बात करती है। उनके अनुसार, ‘बहस बढ़ने पर दोनों पक्ष समाधान तलाशने के जगह एक दुसरे पर आरोप लगाते है। दोनों ही सही साबित होना चाहते है। कोई भी अपने किन्तु-परन्तु छोड़ने के लिए तैयार नही होता।‘

बचे, पर डरें नही

बहस से बचने का आशय यह नही कि आप गलत बात भी मानें या अपने सम्मान से समझौता करें। बस बहस करते समय focus समाधान पर रखें। अधिकतर मामलों में समाधान दोनों पक्षों के समझौते से निकलता है। कई बार विवाद को सुलझाने का रास्ता जीत में नही हार में छिपा होता है।

relationship expert Dr. जॉन गोटमेन कहते है,’96% मामलों में बहस के शुरूआती 3 minute बता देते है कि बहस करना कितना सार्थक रहेगा। शुरुआत में की गयी विवेकपूर्ण बातचीत बहस को बढ़ने नही देती। ‘ the argumentative Indian: writing on Indian history, culture and identity’ में अमर्त्य सेन लिखते है,’ यदि दुसरे असहमति व्यक्त करें तो नाराज न हों। सबके पास दिल है और हरेक का अपना झुकाव। उनका सही हमारा गलत है और हमारा सही उनका गलत।‘

Blogger सेन सर्जियो कहते है,’ बहस से बचने के लिए चार बातें सोचें, पहला क्या जरूरी है कि हमेशा आप सही हो, क्या उस मुद्दे उस व्यक्ति को पकड़े रखना जरूरी है, कही जल्दबाजी में राय तो नही बना रहे है और बहस का असर कहाँ और कितना लम्बा पड़ेगा?

बने बहस के बाज़ीगर

·         कई बार बहस की बुनियाद ही गलत तथ्यों पर खड़ी होती है। चूँकि आप नही चाहते कि आप गलत साबित हो, इसलिए उसी दिशा में तर्क गढ़ते चले जाते है। बेहतर है कि पहले अपने पक्ष को बेहतर तरीके से परख लें। 

·         दुसरे पक्ष को सुनने का अर्थ यह नही है कि उनकी सभी बातों से सहमत हो जाएँ। पर यह समझना भी जरूरी है कि दूसरा पक्ष किस तस्वीर को दिखाना चाह रहा। उनके डर, बेचैनी, हित-अहित और गुस्से को समझें।

·         गुस्से में न बोले। बोलते समय खुद को व् दुसरे को एक-दो minute का break दे।

·         सम्मान से बात करे। अधिकतर बहस में समाधान दोनों पक्षों की ओर से किये गये समझौते से निकलता है। सम्मान से बात करेगे तो रिश्ते आगे भी बेहतर रहेगे। 

·         व्यक्ति की जगह problem पर बात करे। अपनी भी गलती स्वीकारने से पीछे न हटें। 




                                  Feelings पर Control


   




Thursday, November 16, 2017

Feelings पर Control

control in feelings


क्रोध, हताशा, घृणा जैसी भावनाओ को पूरी तरह से खत्म नही किया जा सकता, लेकिन ऐसी भावनाओ के वशीभूत होने से बचा तो जा ही सकता है। दुसरे भी हमें इस बात पर परखते हैं कि हम अपनी feeling को कितना काबू रख सहज रह सकते है।

अगर office की किसी meetings के दौरान कोई mobile phone पर आये message पढकर जोर-जोर से हंसने लगे, तो हो सकता है वहां उपस्थित बाकी लोग उस person से नाराज हो जाएँ। एक और ऐसी ही स्थिति की बात करते है। मान लीजिये कि आपकी गाड़ी जाम में फंसी है और आप इसकी खीज को अपने driver पर निकालने लगे। ऐसे में driver का ध्यान बंटने से आप अपनी जिन्दगी खतरे में भी डाल रहे होते है। इन सबमें एक बात है, जो हमे ऐसी प्रतिक्रियाये देने को बाध्य करती है। हमारी भावनाएं। ये हमारे रोजमर्रा के life का अभिन्न अंग है।

वैसे, कुछ प्रतिक्रियाओं को control करने की आवश्यकता नही होती। अगर वे स्थिति के अनुकूल है और सुखद भी, तो हमें चिंतित होने की जरूरत नही। लेकिन ये स्थिति के प्रतिकूल है, तो निश्चित तौर पर सोचने की जरूरत है। जाम में फंसे होने पर अगर हम किसी पर अपनी भड़ास निकालते है, तो भी हमे बेहतर लगेगा, लेकिन यह उचित या अनुकरणीय नही है। इसकी बजाय अपनी झुंझलाहट किसी और तरीके से अभिव्यक्त की जा सकती है।

tension के समय स्वयं को शांत रख पाना कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। अगर क्रोध आने पर प्रियजन को दुःख पहुंचा रहे है, तो इससे आपके संबंधो पर बुरा असर पड़ सकता है, साथ ही इसका आपके काम और health पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। स्टेंडफोर्ड यूनिवर्सिटी के psychologist जेम्स ग्रास और उसके साथी हूरिया जजेरी के अनुसार feeling पर काबू पाने में असमर्थता ही depression और personality disorder को जन्म देती है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर लोग अपनी emotional पर control पाकर अपनी स्थितियों को विकट होने से बचा सकते है।

कुछ तरकीबें होगी कारगर

संतोष करना सीखे

आप हमेशा खुद से बेहतर करने की उम्मीद करते है। मसलन खाना बनाते हुए मन में भाव होते है कि खाना बेहद स्वादिष्ट बने, लेकिन अगर कमी दिखती है, तो झुंझला उठते है। ऐसे में बेहतर हो कि उपलब्ध सामग्रियों से ही अच्छा पकाने का प्रयास करे। इससे आप अपने परिजनों को अपनी आकांक्षा अनुसार ना सही, पर आनन्दमयी माहौल में अच्छा भोजन कराने में सक्षम जरुर होगे।

प्रतिकूल स्थितियां पैदा ही ना हों

स्वयं को यथासंभव ऐसी स्थितियों से दूर रखें, जिनके कारण आपमें negative feeling जन्म लेती है। मसलन आपको पता है कि तैयार होते समय कम समय रह जाने पर आपको गुस्सा आने लगता है, तो इससे बचाव के लिए आप तय समय से 10 मिनट पहले ही तैयार हो जाएँ। इसी तरह अगर किसी व्यक्ति के पास आपको परेशानी होती है, तो ऐसा रास्ता निकाले, जिसमे उस व्यक्ति के साथ आपके टकराव की गुंजाइश कम से कम हो।

Important चीजों पर ध्यान क्रेंदित करे

अक्सर बहुत attraction लोगो के आसपास होने पर लोगो को हीनता का बोध होने लगता है। example के लिए office में प्रभावशाली शख्सियत वालों के समक्ष अधिकतर लोग खुद को उनसे कम करके आंकने लगते है। बेहतर होगा कि ऐसे लोगो पर ध्यान देने के बजाय अपने काम पर ध्यान क्रेंदित किया जाए। इससे न सिर्फ एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि मनचाहे गुणों को भी विकसित किया जा सकता है।

विचारो को बदलें

हमारे विचार ही मूल रूप में अलग-अलग की भावनाओं को जन्म देते है। अगर आपके विचार आपको depression में डाल रहे है, तो कुछ और positive सोचने का प्रयास करें। विचारो में बदलाव से स्थिति में बदलाव भले ही न आये, लेकिन विचारों का हम पर जो प्रभाव हो रहा होता है, उसमे परिवर्तन जरुर आ जाता है। कॉग्निटिव रीअप्रेजल थेरेपी में दुःख देने वाले विचारो की जगह ख़ुशी पैदा करने या संतोष बनाये रखने वाले विचारो को अपनाने पर बल दिया जाता है।

प्रतिक्रिया बदलने का प्रयास करें

मुमकिन है कि अनचाही स्थितियों में आप पूरी तरह आपे से बाहर हो जाते हों। ऐसे में आप कम से कम अपनी प्रतिक्रिया पर काबू पाने का प्रयास करें। गहरी साँस ले और खुद को शांत करने के लिए कुछ देर आँखे बंद रखे। अगर गंभीर चर्चा के बीच आपको हंसी आ रही है, तो प्रयासपूर्वक अपने चेहरे के हावभाव अन्य लोगो जैसे बनाये रखे। जिन स्थितियों में आप असहज हो जाते है, उनकी पहचान कर लेने से आप problem में पड़ने से स्वयं को बचा सकते है। अपने विचारों और प्रतिक्रियाओं में बदलाव करके आप अपना आत्मविश्वास बढ़ा सकते है और विषम स्थितियों को झेलने में भी सक्षम हो सकते है। अभ्यास करने से आप negative स्थितियों में भी आशावादी दृष्टिकोण बनाये रख सकते है।

                                                  www.psychologytoday.com



#  इस article के writer ‘सूजन क्रॉसमैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी में psychology की professor है। हाल में आयी उनकी book ‘the search for fulfillmentमन की ख़ुशी के साथ समग्र विकास पर जोर देती है।






                                      Understanding of Talents







Tuesday, November 14, 2017

Massage Oil



आमतौर पर मालिश करने के लिए उसी तेल का इस्तेमाल किया जाता है, जो उस मसाज तकनीक के अनुरूप हो। कई बार तेल का चयन व्यक्ति विशेष की जरूरत के अनुसार भी किया जाता है। कई तेलों को दो-तीन तेलों में जड़ी-बूटियों के mixture से भी तैयार किया जाता है।

अलसी का तेल

skin से सम्बंधित रोगों के उपचार में यह तेल काफी कारगर है। रक्त संचार भी नियमित होता है।

नारियल का तेल

यह तेल मसाज के लिए इस्तेमाल होने वाले सबसे प्रचलित तेलों में से एक है। इसका उपयोग थकान दूर करने और body में energy का स्तर बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह skin की सुन्दरता भी बढ़ाता है।

रोजमेरी तेल

यह blood संचरण को सुधारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बालो के विकास और मानसिक activity बढ़ाने के लिए इस तेल का इस्तेमाल होता है।

सरसों का तेल

सभी प्रकार की सूजन में गर्म सरसों के तेल से मसाज करना फायदा पहुंचाता है। जिन लोगो की तिल्ली या प्लीहा बढ़ा हुआ है, अगर वो कुनकुने सरसों के तेल मालिश करे तो उन्हें आराम मिलेगा। सर्दी और कफ से परेशानी होने पर सरसों के तेल में कुछ लहसुन की कलियों को डालकर गर्म कर ले। खासकर छाती पर मालिश करने से सर्दी और कफ में आराम मिलता है।

जैतून का तेल

आयुर्वेद में इस तेल का बहुत उपयोग किया जाता है। सामान्य मसाज के लिए यह सबसे उपयोगी माना जाता है। skin के अलावा इसे जोड़ो के दर्द में फायदेमंद माना जाता है।

जिंजर ऑयल

मांसपेशियों का कड़ापन दूर करने के लिए अदरक के तेल में इलायची मिलाकर मसाज करे। अगर बॉडी कड़ा हो गया है तो जिंजर तेल से मालिश करने से लचीलापन बढ़ता है।








Monday, November 13, 2017

Current GK December 2017 Part-1


1 November

1-  भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को टी-20 क्रिकेट में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गये

2-  फ़ोर्ब्स के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अम्बानी $42.1 अरब (Rs 2719.91) नेटवर्थ के साथ asia के सबसे अमीर व्यक्ति बन गये है।

3-  भारतीय निशानेबाजों ने आस्ट्रेलिया में चल रही कॉमनवेल्थ शूटिंग championship के तीसरे दिन 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा के तीनों पदक जीते। इसमें शह्जर रिजवी ने स्वर्ण, ओमकार सिंह ने रजत और जीतू राय ने कांस्य पदक जीता।

4-  हरियाणा छतीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरल का 1 नवम्बर स्थापना दिवस है।

5-  कर्नाटक में पहली बार एक महिला IPS अधिकारी नीलमणि एन,राजू को पुलिस प्रमुख बनाया गया है।

6-  विश्व बैंक की ‘ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस-2018’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आसानी से व्यापार के मामले में लुधियाना (पंजाब) पहले स्थान पर है।

2 November

1-  महान आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन ने 2 नवम्बर, 1931 को एक घरेलू match के 3 over में 100 रन बना डाले थे

2-  2 नवम्बर, 2013 को भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा वनडे में दोहरा शतक जड़ने वाले विश्व के तीसरे cricketer बने थे।

3-  फ़ोर्ब्स सूची के अनुसार, ICICI bank की CEO चंदा कोचर भारत की सबसे शक्तिशाली महिला है।

4-  विदेश मंत्रालय ने पोलैंड में तैनात भारतीय राजदूत अजय बिसारिया को पाकिस्तान में देश का नया उच्चायुक्त नियुक्त किया है।

5-  पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की एकमात्र संतान दीना वाडिया का उनके न्यूयार्क स्थित आवास पर निधन हो गया।

3 November

1-  भारत ने महिला hockey asia cup के सेमीफाइनल में मेजबान जापान को हराकर चौथी बार फाइनल में जगह बना ली

2-  आस्ट्रेलिया में जारी कॉमनवेल्थ शूटिंग championship में भारत ने 50 मीटर पिस्टल इवेंट्स के तीनो पदक अपने नाम कर लिए। प्रकाश नानजप्पा ने 222.4 अंको के साथ स्वर्ण जीता और अमरजीत सिंह और नीतू राय ने रजत एवं कांस्य पदक हासिल किये।

3-  3 नवम्बर, 1906 को फैसलाबाद (अब पाकिस्तान) में प्रसिद्द थियटर आर्टिस्ट पृथ्वीराज कपूर का जन्म हुआ था।

4-  3 नवम्बर, 1957 को रूस ने स्पूतनिक-2 अंतरिक्ष यान launch किया था जिसके जरिये पृथ्वी की कक्षा में पहली बार किसी जीवित प्राणी को भेजा गया था।

5-  चीन सीमा से सटे लद्दाख (जम्मू कश्मीर) में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने ‘प्रोजेक्ट हिमांक’ के तहत मोटरगाड़ियों के चलने लायक दुनिया की सबसे ऊँची सड़क बनाई है।

6-  चीन ने कृत्रिम द्धीप बनाने वाले asia का सबसे बड़ा पोत पेश किया जिसका नाम ‘तियान कुन हाओ’ है।

4 November

1-  पश्चिम एशियाई देश लेबनान के पीएम साद हरीरी ने इस्तीफा दे दिया

2-  रिसर्च फर्म ब्रुकिंग्स इंडिया की senior फ़ेलो शमिका रवि को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद का अल्पकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है।

3-  ‘वर्ल्ड फ़ूड इंडिया 2017’ में एक बर्तन में 918 किलो खिचड़ी बनाकर भारत ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया।

5 November

1-  पूर्व cricketer सचिन तेंदुलकर 5 November, 2009 को आस्ट्रेलिया के खिलाफ 175 रनों की पारी खेलकर वनडे क्रिकेट में 17,000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने थे

2-  भारत ने फाइनल में चीन को हराकर 13 साल बाद दूसरी बार महिला hockey asia cup ख़िताब जीत लिया।

3-  पांच बार की विश्व champion और ओलंपिक्स की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज एम.सी.मैरीकॉम को गुवाहाटी में होने वाले आईबा महिला युवा विश्व championship का एम्बेसडर बनाया गया है।

4-  5 November, 2013 को इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से ‘मंगलयान’ launch किया था।

5-  यमन सीमा के पास हेलीकॉप्टर क्रैश होने से असीर प्रान्त के डिप्टी गवर्नर राजकुमार मंसूर बिन मुकरिन समेत कई उच्चस्तरीय अधिकारियों की मौत हो गई।

6 November

1-  6 November, 1999 को आस्ट्रेलिया ने एक व्यापक जनमत संग्रह के बाद ब्रिटिश राजतंत्र को ना ठुकराने का फैसला किया था

2-  कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने राजस्व सचिव हसमुख अधिया को नया वित्त सचिव नियुक्त किया है।

7 November

1-  कॉमनवेल्थ शूटिंग championship 2017 के आखिरी दिन सत्येंद्र सिंह और संजीव राजपूत के 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस इवेंट्स के स्वर्ण व् रजत की बदौलत भारत ने championship में कुल 20 पदक अपने नाम किये है

2-  7 नवम्बर, 1998 को दुनिया के सबसे बुजुर्ग अंतरिक्षयात्री जॉन ग्लेन (77) सफलतापूर्वक अपना मिशन पूरा कर पृथ्वी पर लौटे थे।

3-  7 नवम्बर, 1888 को तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) में जन्में सी वी.रमन विज्ञानं के क्षेत्र में नोबेल पाने वाले पहले एशियाई और अश्वेत वैज्ञानिक थे।

4-  भारतीय रक्षा अनुसन्धान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओड़िसा के चांदीपुर से सब-सोनिक क्रूज मिसाइल ‘निर्भय’ का सफल परीक्षण किया।

8 November

1-  नागपुर (महाराष्ट्र) में संपन्न हुई 82वीं राष्ट्रीय senior बैंडमिन्टन championship में महिला सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में विश्व नंबर 11 साइना नेहवाल ने विश्व नंबर 2 पी.वी.सिंधु को सीधे सेटों में 21-17, 27-25 से हराया।

2-  तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई को अपनी समृद्ध संगीत परम्परा के लिए यूनेस्को की creative city network में शामिल किया गया है।

3-  8 November, 2008 को भारत का पहला चन्द्र मिशन ‘चंद्रयान- प्रथम’ सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में पहुंचा था।

4-  रविंदर भल्ला न्यूजर्सी (अमेरिका) के होबोकेन शहर के पहले सिख मेयर निर्वाचित हुए है।

5-  8 नवम्बर, 1895 को जर्मन वैज्ञानिक विल्हेम कोनार्ड रॉन्टजन ने एक्स-रेंज की खोज की थी।

6-  मुक्केबाज एम.सी.मैरीकॉम ने 45-48 किलोग्राम लाइट फ्लाइटवेट श्रेणी के फाइनल मुकाबले में उत्तर कोरिया की किम हियांग-मी को मात देकर पांचवी बार एशियाई महिला मुक्केबाजी championship का स्वर्ण पदक जीत लिया।

9 November

1-  वानखेड़े स्टेडियम (मुंबई) में बडौदा के खिलाफ match में उतरने के साथ मुंबई 500 रणजी ट्राफी मैच खेलने वाली पहली team बन गई।

2-  अमेरिकी संसद में पहली हिन्दू सदस्य तुलसी गाबार्ड को अगले साल शिकागो (अमेरिका) में 7-9 सितम्बर तक आयोजित होने वाली वर्ल्ड फाउंडेशन द्वारा आयोजित होने वाली वर्ल्ड हिन्दू कांग्रेस का अध्यक्ष नामित किया गया है।

3-  9 November, 2000 को भारत के 27वें राज्य के रूप में उत्तराखंड की स्थापना हुई थी, जो उत्तर प्रदेश से अलग होकर बना था।

4-  9 नवम्बर, 1989 को जर्मनी को पूर्वी-पश्चिमी हिस्सों में बाँटने वाली बर्लिन दीवार ढहाई गई थी।

5-  वर्जिनिया (अमेरिका) की डोनिका रोइम अमेरिका की राज्य विधानसभा के लिए निवार्चित होने वाली पहली ट्रांसजेंडर बन गई है।

6-  इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य अधिकारीयों के साथ गुप्त बैठकों को लेकर उठे विवाद के बाद भारतीय मूल की ब्रिटिश मंत्री प्रीति पटेल ने इस्तीफा दे दिया है।

7-  दुबई पुलिस के अधिकारीयों ने दुनिया के सबसे बड़े यात्री एयरबस A380 को 100 मीटर दूरी तक खींचकर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया।

10 October

1-  पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने 9 साल पहले 10 November, 2008 को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था।


2-  10 November, 1999 को वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) का गठन हुआ था, जिसका उद्देश्य खेलों में ड्रग्स के इस्तेमाल को रोकना है। 




                                 Current GK November 2017 Part-3



   
              





Reject होने से लगता है डर !

हर किसी के career में ऐसे कई मौके आते है , जब उन्हें लगने लगता है कि वे किसी काम के हैं ही नही। कितनी भी मेहनत कर ले , तरक्की के दरव...